सीखना और सिखाना

बुधवार, 19 जनवरी 2022

स्पियरमैन का G तत्व ( G Factor ) सिद्धांत & अधिगम का स्थानांतरण और प्रकार

 

 स्पीयरमैन का G तत्व ( G Factor ) का सिद्धांत :–


स्पीयर मैन के अनुसार G कारक हमें सभी मानसिक कार्यों में सहायता करता है इसलिए सिर्फ G कारक का ही स्थानांतरण होगा ।
 
  S कारक प्रत्येक व्यक्ति का समान नहीं है अतः दूसरा स्थानांतरण नहीं होगा ।

            G कारक                           S कारक

              जन्मजात                           अर्जित

              सार्वभौमिक                         खास विशिष्ट

           मात्रा में अलग – अलग                 प्रकार एवम मात्रा

                Ex –                                      Ex–

           तर्क शक्ति  , ग्रहण शक्ति                    वकील , वैज्ञानिक



         

अधिगम का स्थानांतरण :–


एक जगह सीखे गए अधिगम का दूसरी जगह प्रयोग करना या दूसरे अधिगम में सहायक होना अधिगम का स्थानांतरण कहलाता  है ।

अधिगम स्थानांतरण के सिद्धांत :–

थार्नडाइक का  स्थानांतरण का समान अवयव का सिद्धांत :–

पहले और बाद के अधिगम में जहां तक समानता होगी स्थानांतरण सिर्फ वही तक होगा ।

Ex–     A B C       समान तत्व      A B C D

कोहलर (  सुलतान ) का अधिगम स्थानांतरण का आरोपण का सिद्धांत :–


प्रयोग संख्या = 1                      प्रयोग संख्या = 2

छड़ी संख्या = 1                        छड़ी की संख्या = 2

पहले और बाद में अधिगम में जितने तत्व समान होंगे आरोपण सिर्फ वही तक माना जाएगा ।

चार्ल्स वुड का अधिगम स्थानांतरण का सामान्यीकरण  (उभयनिष्ठ का  तत्व का सिद्धांत ) :– 


पहले और बाद के अधिगम में जो तत्व उभयनिष्ठ हो स्थानांतरण से फोन तक होगा ।

Ex–  एक ही सूत्र पर आधारित 10 सवाल लगाने की जगह एवं सभी सूत्र को याद कर लेना  ।

     अधिगम स्थानांतरण के प्रकार :–


1 –  शून्य या जीरो स्थानांतरण :–

  
   जब पहले का अधिगम बाद के अधिगम में कोई सहायता ना करें तो शून्य स्थानांतरण होगा ।

Ex –    क्रिकेट खेलना सीकर      अंग्रेजी बोलना सीखना  ।

2 –     नकारात्मक स्थानांतरण :–


जब पहले का अधिगम बाद के अधिगम या बाद का अधिगम पहले के अधिगम में बाधा उत्पन्न करें तो इसे नकारात्मक स्थानांतरण कहेंगे ।

Ex–    पांचवी तक हिंदी माध्यम से सीखने वाले विद्यार्थी का छठवीं कक्षा से अंग्रेजी माध्यम द्वारा सीखना ।

3 –  सकारात्मक या धनात्मक स्थानांतरण :–


   जब पहले का अधिगम बाद के अधिगम में सहायक सिद्ध हो तो उसे सकारात्मक स्थानांतरण कहेंगे ।

Ex–  संस्कृत व्याकरण सीकर हिंदी व्याकरण सीखना ।

4 –  ऊर्ध्वाधर या लंबवत स्थानांतरण :–


   जब निम्न स्तर पर सीखा गया अधिगम अत्यंत उच्च स्तर पर प्रयोग कर दिया जाए तो उसे ऊर्ध्वाधर स्थानांतरण कहा जाएगा ।

Ex –    न्यूटन का सेब का गिरना देखकर गुरुत्वाकर्षण का पता लगाना ।

  नोट :– हर ऊर्ध्वाधर स्थानांतरण सकारात्मक स्थानांतरण जरूर होगा लेकिन हर सकारात्मक स्थानांतरण ऊर्ध्वाधर हो यह जरूरी नहीं है ।


5 –  क्षैतिज स्थानांतरण :–


जब दो प्रकार के अधिगम आपस में कोई भी सीधा संबंध ना रखते हो फिर भी एक का प्रयोग दूसरे में हो जाए तो इसे क्षैतिज स्थानांतरण कहते हैं ।

Ex–  गणित के सूत्रों का बहुत ही किया रसायन विज्ञान में प्रयोग ।

        रसायन = भौतिक = गणित 

         इसी को हम क्षैतिज स्थानांतरण कहते हैं ।

6–  पार्श्विक स्थानांतरण :–


      जब एक जगह सीखे गया निगम का उसी का मिलते जुलते अधिगम में इस्तेमाल हो जाए तो इसे पार्श्विक स्थानांतरण कहते हैं ।

Ex –  7 + 3 = 10 यह जानने वाले विद्यार्थी का उस प्रश्न को हल कर देना जिसमें राम के पास 7 और श्याम के पास 3 किताबें हैं और उसे कुल किताबों की संख्या बतानी है ।

7 –   द्विपार्श्विक  स्थानांतरण :–


        जब एक अन्याय क्षेत्र में सीखा गया अधिगम उसी कुशलता के साथ दूसरे अन्य क्षेत्र में निपुणता दिला दें तो विषय अधिगम का द्विपार्श्विक स्थानांतरण कहेंगे ।

Ex –  दाएं हाथ से लिखने वाले विद्यार्थी का उसी निपुणता के साथ बाएं हाथ से लिखना ।


महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर 

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