अधिगम वक्र की परिभाषा :–
स्किनर :–
अधिगम का वक्र किसी दी गई क्रिया में उन्नति या अवनति का ग्राफ पेपर पर प्रदर्शन है ।
अलेक्जेंडर :–
जब अधिगम के आंकड़ों वर्गीकृत ग्राफ पेपर पर प्रदर्शित किया जाता है तो अधिगम का वक्र कहलाता है ।
गेट्स :–
अधिगम का वक्र अधिगम में होने वाली गति और प्रगति को व्यक्त करता है ।
अधिगम के वक्र :–
अधिगम का वक्र अधिगमी के सीखने की गति या उन्नति दिखाता है जिससे हम यह जान सकते हैं कि किसी अधिगमी को दिए गए कार्य को निश्चित समय पूरा करने के लिए कितनी तेजी से काम किया है ।
अधिगम वक्र के प्रकार :–
अधिगम के मुख्य चार (4 ) वक्र माने गए हैं –
1– समान या सरल वक्र :–
इसमें अधिगमी के सीखने की गति हमेशा एक जैसी होती है क्योंकि यह मनुष्य के लिए संभव नहीं है इसलिए इसे आदर्श यह असंभव वक्र भी कहा जाता है ।
| सरल वक्र |
नतोदर / घनात्मक वक्र / बढ़ता निष्पादन वक्र :–
जब शुरू में अधिगम की गति धीमी और बाद में तेज हो तो नतोदर वक्र बनेगा ।
जब शुरू में अधिगम की गति तेज और बाद में धीमी हो जाए तो यह उन्नतोदर वक्र कहलाएगा ।
जैसे :–
परीक्षा के समय – तेजऔर परीक्षा के बाद। – धीमी
4 – मिश्रित वक्र :–
जब सीखने की गति असमान हो तो ऐसे में मिश्रित रोककर बनेगा ।
जैसे:–
अवस्था शारीरिक विकास
शैशवावस्था तेज
बाल्यावस्था धीमी
किशोरावस्था तेज
प्रौढ़ावस्था। धीमी
अधिगम के पठार :–
जब अधिगम के दौरान अधिगम में थकावट , दुर्घटना , रूचि या प्रेरणा की कमी , निद्रा , खराब शिक्षण विधि आदि के कारण कुछ समय के लिए सीखना रोक देता है तो ऐसे उसके वक्र की रेखा के ऊपर या नीचे जाने के बजाय थोड़े समय के लिए एक सीधी रेखा बन जाती है इसे अधिगम का पठार कहते हैं ।
1 – वक्र
2 – सामान्य प्रक्रिया
3 – पठार हमेशा के लिए नहीं होता है
4 – पठार अधिगम में रुकावट दिखाता है
5 – पठार सार्वभौमिक है ।
पठार की विशेषताएं :–
1 – पठार बनना एक सामान्य प्रक्रिया है इसे गलतियां भूल नहीं माना जाना चाहिए ।
2 – पठार सभी बनाते हैं अतः यह एक सार्वभौमिक प्रक्रिया है ।
3 – अलग से नहीं बनता है वह अधिगम के वक्र का ही हिस्सा है ।
4 – कोई भी पठार हमेशा के लिए नहीं बनता ।
5 – पठार अधिगम में आई रुकावट को दिखाता है ना की समाप्ति ।
पठार की परिभाषाएं :–
रॉस :–
पठार सीखने की प्रक्रिया की प्रमुख विशेषता है जो सीखने के दौरान उस अवधि को दिखाता है जब सीखने की प्रक्रिया में कोई उन्नति नहीं होती है ।
स्किनर :–
पठार क्षैतिज प्रसार है इससे सीखने की क्रिया का प्रत्यक्ष बोध नहीं होता है ।
रेक्स एवम नाइट :–
अधिगम के पठार तब बनते हैं जब व्यक्ति सीखने की एक अवस्था में आकर दूसरी अवस्था में प्रवेश करता है ।
अधिगम के पठार को दूर करने के उपाय :–
1 :– थकावट आने पर पर्याप्त आराम करने पर ।
2 :– दुर्घटना या बीमारी के बाद पुनः स्वस्थ होकर ।
3 :– विषय वस्तु को रोचक बना कर ।
4 :– शिक्षण विधि को बदलकर ।
5 :– कक्षा में बेहतर या बाल केंद्रित शिक्षण सामग्री अपना कर ।
6 :– विद्यार्थियों में जिज्ञासा पैदा करके ।
महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर







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