भारत में क्रिप्टो का क्रेज –
भारत में 10.07 करोड़ क्रिप्टो मालिक है जो दुनिया में सबसे ज्यादा है ।
2.74 करोड मालिकों के साथ अमेरिका दूसरे और 1.74 करोड़ के साथ रूस तीसरे स्थान पर है ।
एक करोड़ के करीब रजिस्टर्ड यूजर वजीरएक्स 1.1 करोड़ कॉइनस्विच कुबेर और 70 लाख जेरोधा के पास है ।
7.30 % जनसंख्या के हिसाब से क्रिप्टो के मामले में भारत पांचवें स्थान पर है जबकि 12.73% के मालिकों के साथ यूक्रेन पहले स्थान पर है ।
1.5– 2 करोड़ क्रिप्टो निवेशक है भारत में ।
स्रोत – ब्रोकर चूजर व अन्य रिपोर्ट के आधार पर ।
क्रिप्टो करेंसी और डिजिटल रुपया के बारे में केंद्रीय आम बजट में आरबीआई की डिजिटल करेंसी को लेकर बड़ी घोषणा की गई जिसे नए वित्त वर्ष ( 2022 –23 )की शुरुआत में लांच किया जाएगा यह करेंसी ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होगी जाने आरबीआई का डिजिटल रुपया कैसे क्रिप्टो करेंसी से अलग होगा और क्या बढ़ती जा रही डिजिटल करेंसी की लोकप्रियता होगी ।
कैसे काम करता है डिजिटल रुपया
पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल करेंसी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है कई नई मार्केट ऐप के मुताबिक दुनिया भर में 8000 से अधिक तरह के डिजिटल करेंसी प्रचलन में है केंद्रीय बजट( 2022 – 23 ) में सरकार ने भी भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई की डिजिटल करेंसी को लेकर बड़ा ऐलान किया है वित्त मंत्री ने कहा है कि आरबीआई डिजिटल किया यानी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी सीबीडीसी लांच करेगी या भारतीय करेंसी का डिजिटल रुपया होगा इससे ब्लॉकचेन के साथ दूसरी अन्य तकनीकों के उपयोग से बाजार में लाया जाएगा डिजिटल रुपया लीगल टेंडर होगा जिसे आरबीआई द्वारा पेश किया जाएगा यह वैल्यू में भी रुपया की तरह ही होगा बस यह सिक्का या नोट की जगह डिजिटल रुपया में मौजूद होगा ।
क्रिप्टो से कैसे होगा अलग
डिजिटल रुपिया या सीबीडीसी ब्लॉकचेन व दूसरी अन्य तकनीकों का उपयोग करके बनाई जाएगी हालांकि दूसरी तकनीकी क्या होगी इसके बारे में अभी स्पष्ट नहीं किया गया है डिजिटल रूपी लीगल टेंडर का डिजिटल रूप है जो केंद्रीय बैंक के नियंत्रण में होगा इस करेंसी को आरबीआई द्वारा विनियमित किया जाएगा इसके विपरीत क्रिप्टो करेंसी एक डिजिटल करेंसी है जो किसी केंद्रीय बैंक के नियंत्रण में ना होकर डेवलपर द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट से जुड़ी होती है क्रिप्टो करेंसी किसी सरकार सरकारी संस्था द्वारा विनियमित नहीं की जाती है और इसकी वैल्यू डिमांड पर निर्भर करती है बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरंसी भी ब्लाकचैन पर काम करती है इसमें सिक्योर तरीके से ट्रांजैक्शन के लिए क्रिप्टोग्राफिक का उपयोग किया जाता है साथ ही इसमें लेनदेन को रिकॉर्ड करने और नई गायों को जारी करने के लिए विकेंद्रीकृत प्रणाली का उपयोग होता है ।
क्या है विकेंद्रीकृत मुद्रा या क्रिप्टो करेंसी
क्रिप्टो करेंसी एक डिजिटल भुगतान प्रणाली है जो लेनदेन को सत्यापित करने के लिए बैंकों पर निर्भर नहीं है इसे क्रिप्टोग्राफी द्वारा सुरक्षित किया जाता है इसलिए इसका नाम क्रिप्टो करेंसी है आमतौर पर जब रुपए फिजिकल करेंसी के साथ लेनदेन करते हैं या फिर एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को पैसा भेजता है तो बैंकजांचता है कि भेजने वाले के बैंक खाते में पर्याप्त राशि है या नहीं इसके बाद उस लेनदेन को मंजूरी दी जाती है इसमें बैंक केंद्रीय प्राधिकरण होता है मगर क्रिप्टो करेंसी में ऐसा नहीं है किसी को क्रिप्टो भेजना है तो इसमें लेनदेन को सैकड़ों हजारों कंप्यूटर द्वारा सत्यापित किया जाता है जो एक ही एल्गोरिथम पर चल रहे होते हैं जिसमें हजारों कंप्यूटर शामिल होते हैं तो लेनदेन की सफलता को सुनिश्चित करने वाले बैंक जैसे केंद्रीय प्राधिकरण की जरूरत नहीं रह जाती है इसलिए क्रिप्टो करेंसी को विकेंद्रीकृत मुद्रा कहा जाता है
इसके लिए ब्लॉकचेन या डिस्ट्रीब्यूटर लेजर या वही खाता तकनीकी का उपयोग होता है किसी भी डिजिटल ट्रांजैक्शन के रिकॉर्ड को बेहद सुरक्षित रखा जाता है इसमें लेनदेन के रिकार्ड को बदला या फिर हटाया नहीं जा सकता जानकारी को कई कैटेगरी में रखा जाता है और इन ग्रुप्स को ब्लॉक कहा जाता है यह ब्लॉक एक दूसरे से जुड़े होते हैं जो कि एक चैन बनाते हैं इसलिए इसे ब्लॉकचेन कहा जाता है एक ब्लॉक के बारे में पर इसे नए डाटा से जोड़ दिया जाता है इसी तरह ब्लॉक एक दूसरे से जुड़े रहते हैं जब आप क्रिप्टो करेंसी मैं फंड ट्रांसफर करते हैं तो लेनदेन सार्वजनिक वही खाता में दर्ज किया जाता है इसमें लेनदेन को सत्यापित करने के लिए एंक्रिप्शन का उपयोग होता है इसका मतलब है कि क्रिप्टो करेंसी में लेन-देन में एडवांस कोडिंग भी शामिल है होती है एंक्रिप्शन का उद्देश्य सिक्योरिटी और सेफ्टी प्रदान करना होता है आपको बता दें कि पहली क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन थी जो 2009 में पेश किया गया था
क्रिप्टो में लेनदेन कैसे होता है
अब आप सोच रहे होंगे कि क्रिप्टो बाजार में पैसों का लेनदेन कैसे होता है तो आपको बता देना की बैंक खाते की तरह ही डिजिटल करेंसी का लेनदेन वॉलेट के जरिए किया जाता है हालांकि वॉलेट लोगों के नियंत्रण में होता है इस वॉलेट में दो पते होते हैं – सार्वजनिक पता और निजी पता ।
सार्वजनिक पता यानी पब्लिक ऐड्रेस का मतलब वह जगह है जहां आप धनराशि भेजते हैं। इसलिए एक वालेट से दूसरे वालेट में डिजिटल करेंसी भेजने के लिए सार्वजनिक पत्ते की जरूरत पड़ती है यानी जिस किसी को क्रिप्टो करेंसी भेजनी है उसका पब्लिक एड्रेस दर्ज करना जरूरी होता है हालाकी वॉलेट के अंदर क्रिप्टो करेंसी तक पहुंचने के लिए पासवर्ड दिया फिर प्राइवेट की की जरूरत पड़ती है आपको बता दें कि सरकार द्वारा समर्थित करेंसी के विपरीत क्रिप्टो जैसी वर्चुअल करेंसी का मूल्य आपूर्ति और मांग पर निर्भर करता है ।
सुरक्षा की दृष्टि से
आमतौर पर क्रिप्टो करेंसी ब्लॉकचेन तकनीकी का उपयोग करके बनाई जाती है ब्लॉकचेन का मतलब है की लेनदेन ब्लॉक में दर्ज किए जाते हैं यह काफी जटिल तकनीकी प्रक्रिया है इसलिए क्रिप्टोकरंसी लेनदेन की डिजिटल लेजर से छेड़छाड़ करना हैकर्स के लिए भी मुश्किल होता है इसके अलावा लेनदेन के लिए टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन की आवश्यकता होती है उदाहरण के लिए लेनदेन शुरू करने के लिए आपको यूजरनेम और पासवर्ड दर्ज करने के लिए कहां जा सकता है फिर आपको अपने फोन पर टेक्स्ट के माध्यम से भेजा गया ऑथेंटिकेशन कोड भी दर्ज करना पड़ सकता है हालांकि क्रिप्टो से जुड़े स्कैम की घटनाएं तेजी से बढ़ रही है ।
क्रिप्टो करेंसी को स्टोर करने का तरीका
एक बार जब क्रिप्टो करेंसी खरीद लेते हैं तो इसे हैकिंग या चोरी से बचाने के लिए सुरक्षित स्टोर करने की जरूरत होती है आमतौर पर क्रिप्टो करेंसी को क्रिप्टो वॉलेट में स्टोर किया जाता है जो फिजिकल डिवाइस है या फिर ऑनलाइन सॉफ्टवेयर भी हो सकते हैं क्रिप्टो को प्राइवेट कुंजी से सुरक्षित किया जाता है आपको बता दें कि कुछ एक्सचेंज वाले सेवाएं भी प्रदान करते हैं जिससे सीधे प्लेटफार्म के माध्यम से क्रिप्टो को स्टोर करना आसान हो जाता है हालांकि सभी एक्सचेंज या ब्रोकर स्वचालित रूप से वॉलेट सेवाएं प्रदान नहीं कर सकते हैं वॉलेट के लिए आमतौर पर हॉट वाले और कोल्ड वालेट जैसे शब्दों का उपयोग किया जाता है ।
हॉट वॉलेट स्टोरेज इसमें आपकी क्रिप्टो यानी संपत्ति से जुड़ी प्राइवेट कि को सुरक्षित रखने के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर की मदद ली जाती है
कोल्ड वॉलेट स्टोरेज हार्डवायर्ड के विपरीत कोल्ड वॉलेट में आपकी प्राइवेट कि को सुरक्षित रूप से स्टोर करने के लिए ऑफलाइन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग किया जाता है इसे हार्डवेयर वॉलेट भी कहा जाता है